देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्लभ (रेयर) बीमारियों से पीड़ित बच्चों के उपचार की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी बच्चे का इलाज धन के अभाव में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत मिलने वाली सहायता पर्याप्त नहीं होती है, तो अतिरिक्त खर्च की भरपाई जिला प्रशासन राइफल क्लब फंड से करेगा।
समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक 16 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है, जो विभिन्न दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं। इन बच्चों का उपचार देश के विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों में प्रस्तावित है, जहां इलाज में अधिक खर्च और लंबी अवधि की आवश्यकता होती है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार, रेफरल, दस्तावेजों की प्रक्रिया और वित्तीय सहायता से जुड़ी सभी औपचारिकताएं तय समय में पूरी की जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रत्येक मामले की नियमित निगरानी करने, अभिभावकों के संपर्क में रहने और शासन स्तर से आवश्यक स्वीकृतियां समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रत्येक बच्चे की उपचार स्थिति, आर्थिक सहायता और रेफरल प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
