नई टिहरी। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन जनपद भर में भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह तड़के से ही श्रद्धालुओं ने मंदिरों का रुख किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया। जिले के प्रमुख मंदिरों और सिद्धपीठों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
खराब मौसम और ठंड के बावजूद ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ—मां सुरकंडा देवी मंदिर, मां कुंजापुरी देवी मंदिर और मां चंद्रबदनी देवी मंदिर—में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे और कई श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा कर मंदिरों तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
नवरात्रि के शुभारंभ पर श्रद्धालु अपने घरों से जौ (हरियाली) लेकर मंदिर पहुंचे, जिसे पारंपरिक रूप से बोया जाता है। इस दौरान भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए मन्नतें मांगीं। मंदिर परिसरों में सुबह से ही यज्ञ-हवन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।
वहीं, देवप्रयाग संगम पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने गंगा में पवित्र स्नान कर नवरात्रि की शुरुआत की और पूजा-पाठ कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
जिला मुख्यालय क्षेत्र में भी सनातन धर्म शक्तिपीठ मंदिर, बौराड़ी स्थित नव दुर्गा मंदिर, सत्येश्वर मंदिर और त्रिदेव मंदिरों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। कई स्थानों पर नवरात्रि के अवसर पर जागरण, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है, जो पूरे नौ दिनों तक जारी रहेंगे।
प्रशासन द्वारा प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नवरात्रि के पहले दिन से ही जिले में श्रद्धा और उत्साह का जो माहौल देखने को मिला, उसके पूरे पर्व के दौरान बने रहने की उम्मीद है।
