गुप्तकाशी। गुप्तकाशी क्षेत्र में अवैध शराब और नशाखोरी के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के कई गांवों की महिलाएं अब खुलकर इस सामाजिक बुराई के विरोध में सामने आ गई हैं। महिलाओं ने सामूहिक निर्णय लेते हुए शादी, सगाई और अन्य धार्मिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है।
महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा धार्मिक कार्यक्रमों में घर पर शराब परोसी गई, तो उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम सभा की बैठक में संबंधित व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।
नगर पंचायत गुप्तकाशी के भैंसारी वार्ड की महिलाओं ने गुप्तकाशी से सेमी मोड़ तक रैली निकालकर अवैध शराब कारोबारियों और नशाखोरों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान महिलाओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही क्षेत्र में शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
सामाजिक कार्यकर्ता अनीता देवी ने कहा कि गांवों में कई युवक शाम होते ही शराब के नशे में डूब जाते हैं। बेरोजगारी के चलते जब वे घर लौटते हैं तो परिवार के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि कई महिलाएं दूध बेचकर और खेतों में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, जबकि पुरुष वर्ग का एक हिस्सा दिनभर नशे में लिप्त रहता है। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है, बल्कि समाज की छवि भी प्रभावित हो रही है।
महिलाओं ने अंत में प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज कर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
