देहरादून। जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण और बैकलॉग की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम, संबंधित अधिकारी, गैस एजेंसियों के संचालक और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों पर होम डिलीवरी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। इसके लिए एजेंसियों पर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे और नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
बैठक में बैकलॉग बढ़ने के कारणों पर चर्चा करते हुए तेल कंपनियों ने बताया कि बुकिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के चलते तीन दिनों तक मैन्युअल रूप से गैस आपूर्ति की गई, जिसकी 25 हजार से अधिक एंट्री अभी सॉफ्टवेयर पर अपडेट होनी बाकी है। साथ ही 11 मार्च से गैस बुकिंग और डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन किए जाने से भी बैकलॉग अधिक दिखाई दे रहा है।

इस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी लंबित मैन्युअल एंट्री को तत्काल सॉफ्टवेयर पर अपडेट कराया जाए और एडवांस बुकिंग के बैकलॉग का पृथक विवरण शाम तक प्रस्तुत किया जाए। निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित गैस एजेंसियों और तेल कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि छापेमारी में पकड़े जा रहे अवैध गैस सिलेंडरों की स्रोत तक जांच की जाए और संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी और ओटीपी सत्यापन के माध्यम से ही उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही एजेंसियों को उपभोक्ता जागरूकता से संबंधित जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन की सख्ती के चलते गैस एजेंसियों पर भीड़ और अव्यवस्था में कमी आई है, वहीं कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल बना है। अब तक प्रशासन द्वारा गैस कालाबाजारी के 5 मामलों में मुकदमा दर्ज कर 3 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इसके अलावा 150 घरेलू, 139 व्यावसायिक और 7 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कुछ अधिकारी और प्रतिनिधि ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
