हरिद्वार।
श्यामपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उपकेंद्र पीली पड़ाव में शनिवार को आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर (अधिकार मित्र) मुकेश कुमार ने महिलाओं एवं स्थानीय लोगों को घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 तथा निशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि शारीरिक, यौन, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक उत्पीड़न भी इसके दायरे में आता है। अधिनियम के तहत पीड़ित महिला संरक्षण आदेश, साझा आवास में रहने का अधिकार और अन्य कानूनी राहत के लिए न्यायालय का सहारा ले सकती है।
मुकेश कुमार ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिलाओं, बच्चों तथा पात्र नागरिकों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह जागरूकता कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार की जुलाई 2026 की कार्ययोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
