देहरादून। सचिव आयुष, रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में आयुष विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निदेशक आयुर्वेद डॉ. विजय कुमार जोगदंडे सहित प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट, राष्ट्रीय आयुष मिशन के कार्यों और ‘सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस’ के ₹4 लाख तक के रिनोवेशन प्रोजेक्ट की प्रगति पर चर्चा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी आयुष चिकित्सालयों में रोगी पंजीकरण 01 मार्च, 2026 से पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य किया जाए।
साथ ही प्रतिमाह कम से कम 8 चिकित्सालयों का निरीक्षण, दवाओं के स्टॉक रजिस्टर का नियमित अपडेट और विभागीय गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों को फार्मेसियों का नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में 10/25 शैय्यायुक्त चिकित्सालयों जैसे मुनिकीरेती, कोटद्वार, झाझरा, बडकोट और चंबा में उपकरण और उच्चीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा, आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकृत 1909 कर्मचारियों के प्रशिक्षण और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया।
सचिव ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजना में नए चिकित्सालयों के निर्माण प्रस्तावों और जनपदों द्वारा भेजे गए कार्मिकों के अचल संपत्ति प्रमाण पत्रों की समीक्षा की।
इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि आयुष विभाग ऑनलाइन व्यवस्थाओं और आधुनिक निगरानी प्रणाली के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।
