देहरादून। SGRR Institute of Medical and Health Sciences के जैव रसायन विभाग ने बुधवार, 18 फरवरी को उत्तराखण्ड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला एवं उत्कृष्टता केन्द्र का उद्घाटन कर चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेल नगर स्थित केन्द्रीय जैव रसायन प्रयोगशाला में किया गया।
कार्यक्रम में ‘‘सिक्स सिग्मा और पूर्ण प्रयोगशाला स्वचालन के लाभ’’ विषय पर निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) सत्र आयोजित किया गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन Shri Mahant Devendra Das ने चिकित्सकों एवं टीम को बधाई दी। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डाॅ.) K. Pratapan, प्राचार्य डाॅ. उत्कर्ष शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, डॉ. गौरव रतूड़ी, डॉ. वीरेन्द्र वर्मा, जैव रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तारिक मसूद और प्रयोगशाला प्रभारी डॉ. अंशुल एम. काला ने रिबन और केक काटकर विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का आकर्षण विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक विचार-विमर्श रहा। मेदांता अस्पताल, लखनऊ की कंसल्टेंट बायोकैमिस्ट्री Dr. Bhavna Bais ने रोबोटिक टोटल लैब ऑटोमेशन के लाभों पर व्याख्यान दिया। डॉ. तारिक मसूद ने सिक्स सिग्मा आधारित गुणवत्ता प्रणाली और नैदानिक परिणाम सुधार में इसके योगदान पर सत्र प्रस्तुत किया।
इस नई प्रणाली से मरीजों को तेज, सटीक और त्रुटिरहित जांच रिपोर्ट उपलब्ध होगी। डिजिटल ट्रैकिंग और न्यूनतम मानवीय त्रुटियों से ICU और आपातकालीन मरीजों का समय पर उपचार सुनिश्चित होगा। विशेषज्ञों ने इसे उत्तराखण्ड में आधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं और मरीज देखभाल की गुणवत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
