उत्तरकाशी। फायर सीजन को देखते हुए कोट बंगला, अपर यमुना वन प्रभाग और टोंस वन प्रभाग के क्रू स्टेशनों पर वनाग्नि से जंगलों व वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और National Disaster Response Force (एनडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
संयुक्त अभ्यास के दौरान अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग और आपसी समन्वय के साथ वनाग्नि नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। Gangotri National Park क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और अग्नि रेखाओं के महत्व पर भी जानकारी दी गई। प्रभागीय वनाधिकारी DP Baluni ने बताया कि कम बर्फबारी और बारिश के कारण इस वर्ष जंगलों में सूखे की स्थिति है, जिससे आग का खतरा बढ़ गया है।
बुधवार को आपदा कंट्रोल रूम को विभिन्न क्षेत्रों से वनाग्नि की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी Prashant Arya ने आईआरएस सिस्टम सक्रिय करने के निर्देश दिए। बग्याल गांव, गंगोत्री क्षेत्र, गोविंद वन्यजीव विहार, पुरोला, दोबाटा और जामक गांव सहित कई स्थानों पर मॉक अभ्यास किया गया।
अभ्यास में वन विभाग, फायर सर्विस, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, पशुपालन समेत विभिन्न विभागों ने भाग लिया। काल्पनिक स्थिति में 8 घायलों और 2 पशुओं को उपचार प्रदान कर सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया गया।
जिलाधिकारी ने संवेदनशील स्थलों के चिन्हीकरण, संयुक्त प्रशिक्षण और सभी फायर उपकरणों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए।
