देहरादून। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग देहरादून द्वारा ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज देहरादून के सहयोग से लैंगिक भेदभाव और लिंग चयन को कहें – ना विषय पर कार्यशाला का आयोजन
जीईआईएमएस संस्थान के सभागार में किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ मुख्य अतिथि स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। किंतु समाज के कुछ हिस्सों में अभी भी बेटियों को अब भी लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। जिस दिन हम लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान को घर घर तक पहुंचाने में सफल होंगे, उस दिन बालिका दिवस जैसे अभियान सार्थक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। किंतु समाज के कुछ हिस्सों में अभी भी बेटियों को अब भी लैंगिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। जिस दिन हम लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान को घर घर तक पहुंचाने में सफल होंगे, उस दिन बालिका दिवस जैसे अभियान सार्थक सिद्ध होगा।
संयुक्त निदेशक विधि जीसी पंचोली एवं अभियोजन अधिकारी सोफिया बेगम ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए अधिनियमित अन्य कानूनी अधिकारों की जानकारी छात्र छात्राओं को प्रदान की । चीफ एलडीसी अजय बडोनी ने छात्र छात्राओं को बालिकाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि अम्बर कोटनाला द्वारा बालिकाओं के लिए विधिक सेवा एवं सहायता के संबंध में जानकारी दी गई।
संस्थान में रेडियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ गोपेश द्वारा भी बालिका दिवस के अवसर पर लिंग जांच रोकने संबंधी जानकारी दी गई। इससे पहले संस्थान में छात्र छात्राओं द्वारा बेटी बचाओ रैली का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सहित अन्य अधिकारियों एवं संस्थान के प्राध्यापकों द्वारा रैली में प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला के दौरान संस्थान के छात्र छात्राओं द्वारा लैंगिक भेदभाव को ना कहें विषय पर पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
