नई टिहरी। प्रतापनगर क्षेत्र की पट्टी उपली रमोली में सामाजिक सुधारों की एक नई और सुखद बयार बहने लगी है। क्षेत्रवासियों ने शादियों को नशामुक्त बनाने की सफल मुहिम के बाद अब सेवानिवृत्ति और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों को भी सादगी और नशामुक्त तरीके से मनाने की अभिनव पहल शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग से सहायक कृषि अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए उपली रमोली के मस्ताड़ी गांव निवासी अर्जुन रमोला ने अपनी विदाई को एक यादगार और प्रेरणादायक स्वरूप दिया। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर शराब और तामझाम वाली पार्टियों से किनारा करते हुए तीन दिवसीय भव्य हवन-यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया, जिसने पूरे समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
अर्जुन रमोला ने अपने 34 वर्षों के लंबे और निर्विवाद सेवाकाल के समापन को ईश्वर की आराधना के साथ मनाया। उन्होंने वर्ष 1991 से 1996 तक देवप्रयाग और नरेंद्रनगर, 1996 से 2004 तक उत्तरकाशी के बड़कोट, 2004 से 2010 तक पुनः नरेंद्रनगर और 2010 से अब तक कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग चंबा के अधीन कृषि विभाग लंबगांव में अपनी सेवाएं दीं। उनकी बेदाग छवि और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में आयोजित इस तीन दिवसीय धार्मिक समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। उपस्थित जनसमूह ने हवन-यज्ञ में आहुतियां डालकर विश्व शांति और रमोला के सुखद भविष्य की कामना की, जिसके पश्चात सभी ने प्रसाद ग्रहण कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।
इस अवसर पर विदाई समारोह में विशेष रूप से पहुंचे क्षेत्रीय विधायक विक्रम सिंह नेगी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रदीप चंद रमोला ने इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आमतौर पर रिटायरमेंट पार्टियों में नशे का प्रचलन देखा जाता है, लेकिन अर्जुन रमोला ने वैदिक परंपरा को अपनाकर समाज को एक नई दिशा दिखाई है। नशामुक्त जनमोर्चा के संयोजक देवी सिंह पंवार और जिला पंचायत सदस्य विजय देवी पंवार ने भी इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह पहल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी, जिसका अनुसरण आने वाली पीढ़ियां करेंगी।
