ऊखीमठ। एवरग्रीन एजुकेशनल सोसायटी हाईस्कूल ऊखीमठ के माध्यमिक स्तर के नव निर्मित भवन का लोकार्पण शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच धूमधाम से किया गया। समारोह में छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों पर आधारित प्रस्तुतियां देकर अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। नव निर्मित भवन का लोकार्पण केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। सीमांत क्षेत्र अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष चंडी प्रसाद भट्ट विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि नगर पंचायत ऊखीमठ की अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण ने समारोह की अध्यक्षता की। अतिथियों ने विद्यालय परिवार को नए भवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिक्षा समाज की प्रगति की आधारशिला: आशा नौटियाल

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि शिक्षा समाज की प्रगति की मजबूत आधारशिला है। ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

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उन्होंने कहा कि विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। साथ ही उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से कम हो सकता है पलायन: चंडी प्रसाद भट्ट

विशिष्ट अतिथि चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता पलायन जैसी चुनौती को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान भी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने नव निर्मित भवन को क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

शिक्षा और संस्कृति का केंद्र है ऊखीमठ: कुब्जा धर्म्वाण

नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि ऊखीमठ की पहचान शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से रही है। क्षेत्र में शिक्षण सुविधाओं का विस्तार स्थानीय बच्चों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

गढ़वाली लोकगीत और नृत्य ने बांधा समां

समारोह के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली लोकगीत, लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सामाजिक सरोकारों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अतिथियों और अभिभावकों को देर तक बांधे रखा।

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने समारोह के माहौल को और भी खास बना दिया।

विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार

विद्यालय की प्रबंधक राधा राणा और चेयरमैन योगेंद्र राणा ने अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वीपी बमोला ने किया।

इस अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर के प्रधान पुजारी बागेश लिंग, शिवलिंग, उद्योगपति खुशाल नेगी, जिला पंचायत सदस्य कालीमठ सरोज राणा, त्रियुगीनारायण के अमित मैखण्डी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनीष बगवाड़ी, लक्ष्मी देवी, सभासद बलवीर पंवार, प्रदीप धर्म्वाण, सरला रावत, पूजा देवी, पूर्व प्रधान संदीप पुष्पाण, रेखा रावत, बबीता भट्ट, गीताराम सेमवाल, राजेंद्र धर्म्वाण, कर्मवीर कुंवर, दलवीर रावत, प्रधानाचार्य रंजना कठैत, पीटीए अध्यक्ष दीपा देवी, शिशुवंती तिवारी, रश्मि कुंवर, रश्मि राणा, भुवनेश्वरी भट्ट, कुसुम रौथाण, प्रभात बैरवाण, धर्मेंद्र राणा सहित जनप्रतिनिधि, अभिभावक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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