देहरादून। आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आयोजित वार्षिक टेक्नो-कल्चरल फेस्ट ‘लम्हे 2026’ का दूसरा दिन भी उत्साह, ऊर्जा और विविध रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पहले दिन की शानदार सफलता के बाद विश्वविद्यालय परिसर एक बार फिर कला, संगीत, अभिनय और रचनात्मकता से सराबोर नजर आया।
देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पहुंचे हजारों छात्रों ने पूरे जोश और उमंग के साथ कार्यक्रमों में भाग लिया। दिन का मुख्य आकर्षण ‘एग्जीबिशन एक्स्ट्राऑर्डिनेर’ रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने नवीन विचार, कलाकृतियाँ और सामाजिक मुद्दों पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियाँ प्रदर्शित कीं।
मोनोलॉग अभिनय और वन एक्ट प्ले प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वन एक्ट प्ले प्रतियोगिता में आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी की टीम विजेता रही। वहीं, मोनोलॉग प्रतियोगिता में उत्तरांचल विश्वविद्यालय के रिजुल गोयल ने प्रथम और जिज्ञासा विश्वविद्यालय की रिया मिश्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
फोटो स्कैवेंजर हंट में रिया मिश्रा ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी की निधि दूसरे स्थान पर रहीं।

फैशन शो और ‘सुरसंगम’ गायन प्रतियोगिता में प्रतिभाओं ने अपने हुनर का बेहतरीन प्रदर्शन किया। एकल गायन में उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुश गौर प्रथम, यूपीएस के आयुष ग्रोवर द्वितीय और ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी की लावण्या तृतीय स्थान पर रहीं। युगल गायन में आईएमएस नोएडा के राघव और वंश ने पहला, डीआईटी के कौतुक कुमार सिंह व भाग्य भट्ट ने दूसरा तथा उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुश व अभिनव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
बैटल ऑफ बैंड्स प्रतियोगिता में विभिन्न बैंड्स ने जोशीली प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता विशाल कृष्णा और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य रहा, जिसने शास्त्रीय कला की सुंदर छाप छोड़ी।
दिन भर विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूल—मैनेजमेंट एंड लिबरल आर्ट्स, लॉ, हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट और मीडिया, कम्युनिकेशन एंड डिजाइन—द्वारा शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
शाम को प्रसिद्ध डीजे सुमित सेठी की म्यूजिकल नाइट ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया, जहां छात्र देर रात तक संगीत और नृत्य का आनंद लेते रहे।
‘लम्हे 2026’ का दूसरा दिन कला, संस्कृति और युवा प्रतिभाओं के उत्सव के रूप में बेहद सफल और यादगार रहा।
