नई टिहरी। जिला सभागार, नई टिहरी में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में जिलाधिकारी Nitika Khandelwal ने जनपदवासियों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। इस दौरान पेयजल, मुआवजा, आपदा और अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर कुल 51 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में नई टिहरी सी-ब्लॉक टाइप-3 की बीना सजवाण एवं अन्य महिलाओं ने एक नजदीकी आश्रम पर सड़क पर अवैध कब्जा करने, कूड़ा फेंकने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। इस पर जिलाधिकारी ने पुलिस, नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग को संयुक्त रूप से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जाखणीधार क्षेत्र के ग्राम करास के ग्रामीणों ने पेयजल संकट की समस्या उठाते हुए बताया कि जलापूर्ति का संचालन स्वयं ग्रामीणों द्वारा किया जाता है और वर्तमान में गांव में पेयजल की गंभीर किल्लत बनी हुई है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से पेयजल व्यवस्था के संचालन को विभाग को सौंपने पर विचार करने का सुझाव देते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
जाख-कुठ्ठा मोटर मार्ग निर्माण के प्रतिकर भुगतान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई। इस पर लोक निर्माण विभाग बौराड़ी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं विकासखंड जौनपुर के ग्राम बंगसील की पूजा देवी द्वारा पेयजल समस्या उठाए जाने पर जल संस्थान को तत्काल कार्रवाई कर उप जिलाधिकारी धनोल्टी के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
चंबा-पुरानी टिहरी मार्ग पर स्थित ग्राम पुरषोल निवासी हरिदास ने अपने घर के समीप सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग रखी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए लोक निर्माण विभाग चंबा को निर्देशित किया।
नई टिहरी बौराड़ी निवासी ध्यान सिंह नेगी ने अपने घर के सामने स्थित पार्क और रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। इस पर तहसीलदार टिहरी को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार में चंबा के नागणी निवासी गुरु प्रसाद उबराल ने सड़क कटान से प्रभावित पेड़ों का मुआवजा न मिलने की शिकायत की। इस पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन से भुगतान हेतु धनराशि प्राप्त हो चुकी है और भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से लोगों तक पहुंच सके।
