मां भगवती गैरीखाल मंदिर में पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का हुआ समापन, चांदी के ढोल की हुई प्राण प्रतिष्ठा

 

नई टिहरी। पट्टी रौणद रमोली की ग्राम पंचायत गैरी ब्राह्मणों स्थित Maa Bhagwati Gairikhal Temple में आयोजित पांच दिवसीय शतचंडी महायज्ञ एवं शतचंडी पाठ का सोमवार को वैदिक विधि-विधान के साथ समापन हो गया। युवा जन जागृति मंदिर समिति और ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशेष रूप से क्षेत्र की ध्याणियों (विवाहित बेटियों) की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

 

समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के सहयोग से निर्मित चांदी के ढोल की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा भी की गई। धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

 

शतचंडी पाठ के वक्ता Manoj Painyuli, Jamuna Prasad Painyuli और Diwakar Prasad Painyuli ने श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की महिमा, उनके विभिन्न शक्ति स्वरूपों तथा सनातन परंपरा में शतचंडी पाठ के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शतचंडी पाठ, देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) पर आधारित एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान है, जिसके माध्यम से मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का गुणगान किया जाता है।

वक्ताओं ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि, शांति और नकारात्मक शक्तियों के नाश की कामना करना है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है और श्रद्धालुओं की आस्था को नई मजबूती मिलती है।

 

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भैंतला, नाग, पनियाला, खेतपाली, बागी सहित आसपास के अनेक गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने शतचंडी पाठ का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर अनिल गैरोला, चंद्रमोहन गैरोला, मनोज गैरोला, संतोष गैरोला, दयाराम गैरोला, भजन गैरोला, प्यारे लाल गैरोला, संजय गैरोला, रोशन गैरोला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

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