वाइब्रेंट विलेज में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर, चारधाम यात्रा की सुरक्षा और साइबर ठगी के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश
उत्तरकाशी। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और वाइब्रेंट विलेज में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस महकमा सतर्कता बरत रहा है। इसी क्रम में पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था/एसटीएफ उत्तराखंड नीलेश आनंद भरणे ने हर्षिल कोतवाली का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों को सीमांत क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने, चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।

सीमांत सुरक्षा के साथ जवानों की सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के दौरान आईजी नीलेश आनंद भरणे ने कोतवाली में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कोतवाली की मेस और बैरकों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रखने तथा पुलिसकर्मियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विषम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम में ड्यूटी कर रहे जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने सीमावर्ती पुलिस थानों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर जोर दिया। साथ ही वाइब्रेंट विलेज में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
CCTV कैमरों से संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी नजर
चारधाम यात्रा और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर आईजी ने सीसीटीवी कैमरों और पुलिस तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोतवाली परिसर के बाढ़ प्रभावित हिस्से का स्थलीय निरीक्षण भी किया। भवन और परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आवश्यक निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने और संबंधित विभागों से पत्राचार कर जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक होंगे ग्रामीण
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए आईजी ने सीमावर्ती गांवों और कस्बों में जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों और होटल व्यवसायियों को डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी के नाम पर ठगी, फर्जी वेबसाइटों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा में चौपालों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि वे साइबर ठगों के झांसे में आने से बच सकें। जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क करना और साइबर अपराधों की रोकथाम करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है।

जनशिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण करने के निर्देश
आईजी ने कोतवाली में सीसीटीएनएस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए स्वान कनेक्टिविटी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाना और आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना भी आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने, पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का विश्वास कायम रखने पर केंद्रित रहा।
हर्षिल कोतवाली के निरीक्षण के दौरान सीमांत सुरक्षा, चारधाम यात्रा प्रबंधन, साइबर अपराधों की रोकथाम और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
