TEHRI : प्रतापनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोरदी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का समापन गुरुवार को हवन-यज्ञ और प्रसाद वितरण के साथ भक्तिपूर्वक सम्पन्न हुआ। कथा समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल छाया रहा।कथा के अंतिम दिन भागवताचार्य सुनील रतूड़ी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक दिव्य ज्ञान यज्ञ है, जिसके श्रवण मात्र से पितरों का उद्धार होता है और जीव मात्र को मोक्ष की ओर ले जाने का मार्ग प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा श्रवण करता है, वह जीवन के समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और ईश्वर की कृपा का पात्र बनता है।
धार्मिक आयोजनों से समृद्ध होती है संस्कृति और मिलती है आध्यात्मिक ऊर्जा
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख प्रदीप रमोला ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है, जहां हर गांव, हर मंदिर और हर समाज में निरंतर धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आयोजन न केवल धार्मिक चेतना को जाग्रत करते हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराएं और सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन धार्मिक आयोजनों से समाज में शांति, समृद्धि और नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है। ऐसे आयोजनों से भावी पीढ़ी को भी अपने सांस्कृतिक मूल्यों की जानकारी मिलती है और वे अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।
इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पंवार, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य छप्पन डंगवाल, शूरवीर भंडारी, सूरज सिंह, महावीर सिंह, दिनेश सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक और ग्रामवासी उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत और स्थानीय श्रद्धालुओं का सहयोग सराहनीय रहा।
