बिरोड़ गांव ने पेश की नजीर, शादी-ब्याह में शराब परोसने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध और डीजे पर भी कसी नकेल

नई टिहरी। समाज में दीमक की तरह फैल रही कुरीतियों और फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने की दिशा में जनपद की आदर्श ग्राम पंचायत बिरोड़ ने एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय पहल की है। रविवार की शाम महासू देवता मंदिर के पवित्र प्रांगण में आयोजित एक सार्वजनिक आम बैठक में समूचे गांव ने एक स्वर में सामाजिक सुधार की दिशा में कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय पारित किया गया कि अब से गांव में होने वाले किसी भी शादी-विवाह समारोह या मेहंदी के कार्यक्रमों में शराब परोसने की प्रथा को पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि खुशी के मौकों पर नशे का चलन न केवल युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है, बल्कि इससे सामाजिक माहौल भी खराब होता है, जिसे रोकना अब समय की मांग है।

 

पंचायत की इस बैठक में केवल नशे के खिलाफ ही नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण और दिखावे की संस्कृति पर भी प्रहार किया गया। विवाह समारोहों में देर रात तक बजने वाले डीजे और साउंड सिस्टम को लेकर भी समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। अब गांव में किसी भी आयोजन में रात्रि 12 बजे के बाद डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी, ताकि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को परेशानी न हो। इसके अलावा, शादी-समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए “मामा पक्ष” की ओर से दी जाने वाली भेंट को भी विनियमित किया गया है। नए नियमों के अनुसार, मामा पक्ष की ओर से अब केवल मिठाई, एक बकरा और सामूहिक पिठाई ही मान्य होगी। इस निर्णय से गरीब परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और सामाजिक समानता का भाव बढ़ेगा।

 

इन सुधारवादी निर्णयों को सख्ती से लागू करने के लिए ग्राम पंचायत ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि गांव का कोई भी व्यक्ति या परिवार इन सामूहिक निर्णयों का उल्लंघन करता है या चोरी-छिपे शराब परोसता है, तो उसके विरुद्ध पंचायत स्तर पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसके तहत उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने हाथ उठाकर इन प्रस्तावों का समर्थन किया और खुशी जाहिर की।

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