नई टिहरी | लंबगांव क्षेत्र में रविवार से शुरू हुए नगर महोत्सव मेले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने मेले के आयोजन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रविवार को लंबगांव बाजार में जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन ने मेले के आयोजन से पहले स्थानीय व्यापार मंडल को विश्वास में नहीं लिया और मनमाने तरीके से आयोजन कर दिया, जिससे स्थानीय व्यापारिक हितों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर महोत्सव को तत्काल प्रभाव से स्थगित नहीं किया गया, तो वे 2 फरवरी को संपूर्ण बाजार बंद रखते हुए चक्काजाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
बाजार में उतरे व्यापारी, नगर पंचायत के खिलाफ नारेबाजी
रविवार को व्यापार मंडल लंबगांव के अध्यक्ष राजीव पंवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी बाजार में एकत्र हुए। व्यापारियों ने राजकीय महाविद्यालय चौंड में नगर पंचायत द्वारा आयोजित सात दिवसीय नगर महोत्सव मेले का कड़ा विरोध किया और नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह मेला स्थानीय व्यापारियों के हितों पर सीधा हमला है। आरोप लगाया गया कि मेले में बाहरी व्यापारियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि स्थानीय दुकानदारों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
‘स्थानीय व्यापारियों के पेट पर लात’
व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव पंवार ने कहा कि नगर पंचायत ने मेले की योजना बनाते समय न तो व्यापार मंडल की कार्यकारिणी से चर्चा की और न ही स्थानीय व्यापारियों की राय ली। उन्होंने कहा कि मेले और उत्सव स्थानीय संस्कृति और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए होते हैं, लेकिन यहां इसके विपरीत स्थिति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी व्यापारियों के आने से स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित होगा, जो पहले से ही आर्थिक मंदी से जूझ रहे हैं। व्यापारियों ने इसे “स्थानीय व्यापारियों के पेट पर लात” करार दिया।
डीएम को सौंपा ज्ञापन
व्यापारियों ने अपने विरोध को और तेज करते हुए उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें नगर महोत्सव मेले को तत्काल रोकने की मांग की गई है। व्यापार मंडल ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
