महिला सुरक्षा, अधिकार और स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
नई टिहरी। राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर की आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ और नगर पालिका परिषद के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को महिला सम्मान समारोह एवं “संवेदीकरण” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ पारंपरिक विधि से किया गया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई प्रतिभागी महिलाओं ने विभिन्न विषयों पर चर्चा में भाग लिया और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पॉश अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि यदि किसी भी महिला के साथ उत्पीड़न, भेदभाव या किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होती है, तो राज्य महिला आयोग पूरी मजबूती के साथ उसके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न को किसी भी परिस्थिति में नजरअंदाज न करें, बल्कि संबंधित आंतरिक शिकायत प्रकोष्ठ में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई हो सके। कंडवाल ने महिला स्वास्थ्य, नशे से दूरी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर भी उदाहरणों के माध्यम से व्यवहारिक सुझाव दिए और कहा कि जागरूकता ही महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी नींव है।
विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र नगर दीक्षा राणा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं किसी के विरोध में नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों, मर्यादा और सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना आज समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आपस में सहयोग और संवाद की संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान सामूहिक रूप से किया जा सके। कार्यशाला की एक अन्य विशिष्ट अतिथि, अवकाश प्राप्त प्राचार्य प्रो जानकी पवार ने कहा कि महिलाएं आज कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रही हैं, लेकिन शोषण के विरुद्ध अभिव्यक्ति और साहस को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि समाज में समानता और सुरक्षा का वातावरण तभी बनेगा, जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग और मुखर रहेंगी।
