चमोली। टीएचडीसी की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना में कार्य कर रही हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी पर अलकनंदा नदी किनारे मलबा डालने के आरोप लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी बताते हुए नाराजगी जताई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार परियोजना के पावर हाउस क्षेत्र से निकलने वाले मलबे को तय डंपिंग जोन तक पहुंचाने के बजाय सीधे नदी किनारे डाला जा रहा है। आरोप है कि कंपनी लागत और समय बचाने के लिए नियमों की अनदेखी कर रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता राकेश नवानी ने कहा कि परियोजना से निकलने वाले मलबे के निस्तारण के लिए पहले से डंपिंग स्थल निर्धारित हैं, लेकिन इसके बावजूद लगातार नदी क्षेत्र में मलबा डंप किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे अलकनंदा नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर असर पड़ रहा है और जलीय जीवों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि मानसून नजदीक होने के कारण नदी में डाला गया मलबा भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मामले की जांच कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो निर्माण कार्य रोककर आंदोलन किया जाएगा।
इस मामले में कंपनी अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
