93 वर्षीय जे.पी. सिंह और 89 वर्षीय बी.एस. सजवाण ने बढ़ाया समारोह का गौरव, गुरु-शिष्य की भावुक मुलाकात ने जीता दिल
देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर केंद्रीय विद्यालय एच.बी.के. नंबर 1 में शनिवार को एक ऐसा भावुक और यादगार समारोह आयोजित हुआ, जिसने विद्यालय की गुरु-शिष्य परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। KV HBK No. 1 एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यालय के 30 से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक ही मंच पर सम्मानित किया गया।
यह विद्यालय के इतिहास में पहली बार हुआ, जब इतनी बड़ी संख्या में पूर्व शिक्षकों को एक साथ आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। समारोह में पुराने विद्यार्थियों और उनके गुरुजनों का वर्षों बाद हुआ मिलन बेहद भावुक क्षणों से भरा रहा।
93 वर्षीय जे.पी. सिंह और 89 वर्षीय सजवाण सर बने आकर्षण का केंद्र
समारोह में विद्यालय के वरिष्ठतम शिक्षकों की उपस्थिति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
93 वर्षीय श्री जे.पी. सिंह कार्यक्रम में उपस्थित सबसे वरिष्ठ शिक्षक रहे। उन्होंने पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों को अपना आशीर्वाद दिया। उनके विद्यालय पहुंचने पर पूर्व छात्रों ने आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया।
वहीं 89 वर्षीय श्री बी.एस. सजवाण अपनी जीवंत ऊर्जा और इच्छाशक्ति से सभी के लिए प्रेरणा बने। सजवाण सर स्वयं कार चलाकर विद्यालय परिसर पहुंचे। उन्होंने मंच पर खड़े होकर विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और अपने साथी शिक्षकों को संबोधित किया। उनके ओजस्वी विचारों ने समारोह में मौजूद सभी लोगों में उत्साह भर दिया।
‘स्क्रॉल ऑफ ऑनर’ पाकर भावुक हुए शिक्षक
एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से सेवानिवृत्त शिक्षकों को विशेष सम्मान और ‘स्क्रॉल ऑफ ऑनर’ प्रदान किया गया। अपने पुराने विद्यार्थियों से मिले इस अप्रत्याशित स्नेह और सम्मान ने कई शिक्षकों को भावुक कर दिया और उनकी आंखें नम हो गईं।
इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनके लिए इससे बड़ी खुशी और उपलब्धि कुछ नहीं हो सकती कि उनके पढ़ाए हुए विद्यार्थी आज जीवन में सफल होकर समाज में अपना योगदान दे रहे हैं। गुरुजनों के लिए अपने विद्यार्थियों की सफलता और संस्कार ही उनके जीवन की सबसे बड़ी कमाई है।
प्रधानाचार्य और एलुमनाई एसोसिएशन की कोर टीम का विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में केंद्रीय विद्यालय एच.बी.के. नंबर 1 के प्रधानाचार्य श्री मयंक शर्मा का प्रशासनिक सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
वहीं एलुमनाई एसोसिएशन के महासचिव श्री प्रबोध ममगाईं तथा कोर कार्यकारी समिति के सदस्यों भगत दर्शन, कर्नल अमरदीप, ग्रुप कैप्टन रमेश त्रिपाठी और श्री राकेश बडोला ने आयोजन की तैयारियों से लेकर वरिष्ठ शिक्षकों के लिए पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था तक की जिम्मेदारी संभाली।
एलुमनाई एसोसिएशन की टीम ने वरिष्ठ शिक्षकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए उनके घर से कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने की व्यवस्था की, जिससे शिक्षक बिना किसी परेशानी के समारोह में शामिल हो सके।
गुरुजनों के सम्मान को समर्पित है एलुमनाई एसोसिएशन
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि विद्यालय से निकलने के बाद भी गुरु और शिष्य का रिश्ता समाप्त नहीं होता। समय बीतने के साथ यह रिश्ता और अधिक गहरा होता जाता है।
KVHBK एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से आयोजित यह समारोह इसी गुरु-शिष्य संबंध, कृतज्ञता और सम्मान की भावना का उदाहरण बना। समारोह में शामिल पूर्व छात्रों ने अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जीवन में जो भी सफलता मिली है, उसमें उनके गुरुजनों का मार्गदर्शन और योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहेगा।
देहरादून में सक्रिय एलुमनाई गतिविधियों के बीच KVHBK एलुमनाई एसोसिएशन अपने विद्यालय और गुरुजनों के सम्मान एवं सेवा के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिक्षक दिवस पर आयोजित यह समारोह उसी प्रतिबद्धता की एक भावपूर्ण मिसाल बनकर सामने आया।
