आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि बूंखाल मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का अद्वितीय प्रतीक है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्थानीय समितियों की ओर से की गयी तैयारियों को सराहनीय बताया और कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गयी व्यवस्थाएं अत्यंत संतोषजनक हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बूंखाल मेला सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, शटल सेवा और अन्य सुविधाओं को उत्कृष्ट बताते हुए प्रशासन की सराहना की। उन्होंने बताया कि बूंखाल कालिंका मंदिर का भव्य निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और जल्द पूरा होने पर श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस दौरान उन्होंने मेले में आए श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरण भी किया।
