स्वच्छ गंगा फाउंडेशन ट्रस्ट ने कनखल के शांति पार्क में चलाया पौधारोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर
हरिद्वार। पर्यावरण संरक्षण और हरिद्वार को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ गंगा फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से कनखल स्थित शांति पार्क में “हरित हरिद्वार, स्वच्छ हरिद्वार” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार आईएएस नंदन कुमार ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा कि जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार वृक्षारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्वच्छ गंगा फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से किया गया यह प्रयास सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं हरित हरिद्वार के निर्माण में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास पौधारोपण और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाए तो शहर को अधिक सुंदर, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है।
पौधारोपण के साथ पौधों की देखभाल भी जरूरी
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुनील दत्त पांडे ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों के बीच पौधारोपण समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से निभाने की आवश्यकता है।
हरित और स्वच्छ हरिद्वार का लिया संकल्प
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष मोनू प्रधान, सचिव प्रशांत शर्मा, उपाध्यक्ष विकास तिवारी सहित धर्मराज, मोहित सोम, विश्वास सैनी, त्यागी जी, शेर सिंह, एडवोकेट भानु प्रताप, अभिषेक, सचिन, अर्जुन, मित्थुन, मुकेश, रकीबुल और अमित सहित कई स्वयंसेवी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने संदेश दिया कि हरित और स्वच्छ हरिद्वार केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।
