देहरादून। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के बीएड विशेष शिक्षा विभाग के अंतर्गत आदर्श अध्ययन केंद्र, देहरादून में नामांकित प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए देहरादून परिसर में प्रेरण (इंडक्शन) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम की रूपरेखा, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा व्यवस्था, ऑनलाइन असाइनमेंट और प्रयोगात्मक कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम और अध्ययन व्यवस्था से परिचित कराना तथा उनकी शैक्षणिक यात्रा को व्यवस्थित एवं सुगम बनाना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिसर के प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में कुलपति की प्रेरणा से विश्वविद्यालय के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों में पुस्तक मेलों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों और आम लोगों को पुस्तकों तथा अध्ययन सामग्री से जुड़ने के अधिक अवसर मिल सकें।
डॉ. रमोला ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पुस्तक मेलों का लाभ स्वयं लेने के साथ-साथ अपने क्षेत्र के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय के रोल मॉडल हैं। वे विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और सुविधाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से अधिक से अधिक लोगों को उच्च शिक्षा के अवसरों के प्रति जागरूक किया जा सकता है और उन्हें विश्वविद्यालय से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
प्रवेश, परीक्षा और ऑनलाइन असाइनमेंट की दी जानकारी
विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय सहायक निदेशक गोविंद सिंह रावत ने विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं और ऑनलाइन असाइनमेंट जमा करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को समझने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का समय पर पालन करने के महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि अध्ययन के दौरान प्रवेश से संबंधित औपचारिकताओं, परीक्षा प्रक्रिया और असाइनमेंट के प्रति सजग रहना आवश्यक है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुचारु रूप से हो सके। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को समझने और अपनी पढ़ाई की बेहतर योजना बनाने में सहायता मिली।
पाठ्यक्रम, ऑनलाइन-ऑफलाइन कक्षाओं और प्रयोगात्मक कार्यों पर चर्चा
बीएड विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रम समन्वयक सिद्धार्थ पोखरियाल ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन, अध्ययन की प्रक्रिया तथा प्रत्येक सेमेस्टर में होने वाले प्रयोगात्मक कार्यों की जानकारी साझा की।
उन्होंने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं और शैक्षणिक गतिविधियों को समझने के लिए मार्गदर्शन दिया, जिससे वे अपनी पढ़ाई को बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर सकें। बीएड विशेष शिक्षा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक अध्ययन के साथ प्रयोगात्मक कार्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान दी गई जानकारी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रही।

विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान
प्रेरण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अध्ययन, परीक्षा, असाइनमेंट, कक्षाओं और पाठ्यक्रम से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। परिसर के प्रभारी निदेशक डॉ. सुभाष रमोला, क्षेत्रीय सहायक निदेशक गोविंद सिंह रावत और पाठ्यक्रम समन्वयक सिद्धार्थ पोखरियाल ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम ने प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और शंकाओं के समाधान के लिए संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराया।
इस अवसर पर बृजमोहन सिंह खाती सहित बीएड विशेष शिक्षा के प्रथम सेमेस्टर के 150 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं, विश्वविद्यालय की गतिविधियों और अध्ययन संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी मिली। साथ ही, उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और उच्च शिक्षा के अवसरों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
