देहरादून/मसूरी। मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल-2026 को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कार्निवाल को पर्यटन संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्निवाल की तैयारियों, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक गतिविधियों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की पर्यटन क्षमता, स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। आयोजन की प्रत्येक गतिविधि इस तरह तैयार की जाए कि पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ ही स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़े और उन्हें रोजगार एवं आय अर्जित करने के बेहतर अवसर मिल सकें।
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा और यातायात पर विशेष जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कार्निवाल के दौरान मसूरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए। पर्यटकों के साथ स्थानीय नागरिकों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाए। इसके लिए यातायात प्रबंधन, सड़कों की व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य समय पर पूरे किए जाएं।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्निवाल के दौरान व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। सभी विभाग अपने निर्धारित दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन करें और आपसी समन्वय बनाए रखें, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार अनुभव मिल सके।
ऐतिहासिक भवनों और स्मारकों को भी कार्निवाल से जोड़ने की योजना
मसूरी की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शहर के ऐतिहासिक स्मारकों और भवनों का सौंदर्यीकरण किया जाए। ऐसे महत्वपूर्ण स्थलों को कार्निवाल की कार्यक्रम श्रृंखला से जोड़ने की संभावनाओं पर काम किया जाए, जिससे पर्यटकों को मसूरी के इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक विशेषताओं को करीब से जानने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों पर क्षेत्रीय इतिहास, लोककला, स्थानीय परंपराओं और पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित आकर्षक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जाए। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ इसकी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से भी परिचित हो सकेंगे।
जिलाधिकारी के अनुसार, कार्निवाल की गतिविधियों में मसूरी की विशिष्ट पहचान को प्रमुखता देने से पर्यटकों का अनुभव अधिक समृद्ध होगा। साथ ही, शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को भी बढ़ावा मिलेगा।

दूसरे पर्यटन स्थलों के सफल आयोजनों से लिया जाएगा सबक
विंटरलाइन कार्निवाल को और अधिक आकर्षक एवं प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने देश के अन्य पर्यटन क्षेत्रों में आयोजित सफल कार्निवाल और पर्यटन महोत्सवों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे पर्यटन स्थलों पर अपनाई गई बेहतर व्यवस्थाओं, नवाचारों और सफल गतिविधियों का आकलन किया जाए।
इन अनुभवों के आधार पर मसूरी की स्थानीय परिस्थितियों और विशेषताओं के अनुरूप उपयोगी गतिविधियों को कार्निवाल में शामिल करने की संभावनाएं तलाशी जाएं। आयोजन की प्रत्येक गतिविधि में गुणवत्ता, बेहतर समन्वय और पर्यटकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्निवाल को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए ऐसा स्वरूप दिया जाए, जिससे पर्यटकों को मनोरंजन के साथ स्थानीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं का अनुभव भी मिल सके।
स्थानीय कारोबार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल पर्यटन संवर्धन के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। कार्निवाल के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होने पर होटल व्यवसायियों, व्यापारियों, परिवहन सेवा प्रदाताओं, स्थानीय कलाकारों और अन्य संबंधित लोगों के लिए रोजगार एवं आय अर्जित करने के अवसर बढ़ सकते हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि कार्निवाल की गतिविधियों की योजना इस तरह तैयार की जाए कि इसका लाभ स्थानीय लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों की सहभागिता को प्रोत्साहित करने के साथ क्षेत्रीय व्यंजनों, लोककला और परंपराओं को भी उचित स्थान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। इसलिए आयोजन को पर्यटकों के मनोरंजन, स्थानीय लोगों की भागीदारी, रोजगार के अवसरों और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी, संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी राहुल आनंद, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, उप नगर आयुक्त गौरव कुमार, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी और सचिव अजय भार्गव उपस्थित रहे।
इसके अलावा जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान, पुलिस क्षेत्राधिकारी जगदीश पंत, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रत्नाकर सिंह, नायब तहसीलदार उपेंद्र सिंह राणा, लोक निर्माण विभाग से दीपक कुमार, पेयजल निगम से भीम निराला, आईटीबीपी से अजय प्रकाश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में कार्निवाल को सुरक्षित, आकर्षक, सुव्यवस्थित और पर्यटक हितैषी बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करते हुए आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि मसूरी विंटरलाइन कार्निवाल-2026 के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके।
