उत्तरकाशी। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर उत्तरकाशी जिले में आशा वर्करों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को आशा वर्कर यूनियन बाबा काली कमली धर्मशाला परिसर में एकत्र हुई, जिसके बाद आशा वर्करों ने मेन बाजार से होते हुए कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। आशा वर्कर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
जुलूस का नेतृत्व एटक के मजदूर नेता महावीर प्रसाद एवं जिला अध्यक्ष श्रीमती रेखा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा वर्करों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा उन्हें प्रतिमाह न्यूनतम 21,000 रुपये वेतन प्रदान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले 10 महीनों से लंबित मानदेय के तत्काल भुगतान की मांग भी उठाई।
आशा वर्करों ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उनके बीच भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई से मई तक का भुगतान अब तक नहीं किया गया है।
मजदूर दिवस के अवसर पर सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 27,000 रुपये निर्धारित करने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर मजदूरों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए श्रम कानूनों में हो रहे बदलावों पर चिंता व्यक्त की।
मजदूर नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर रेखा नौटियाल, बीना नेगी, सरिता राणा अर्चना, विमूला, कुसुम भट्ट, अध्यक्ष, मंजू बलूनी, कविता, सरिता , रिना सेमवाल,निर्मला रीना विचिता राणा रुषा रावत मीना कण्डियाल, पुष्पा चौहान रावत बीना पंवार चन्द्र कला राणा, हीना रावत , आदि मौजूद रहीं है।
