रुद्रप्रयाग। केदार घाटी समेत पूरे जनपद में शुक्रवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट बदल ली। आसमान में घने बादल छाने के बाद कई क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ तापमान में तेजी से गिरावट आने से ठंड बढ़ गई है। वहीं, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी की संभावना भी बनने लगी है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर तक उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को रुद्रप्रयाग जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को भी रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
4500 मीटर से ऊपर हिमपात के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 4500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। इसके चलते केदारनाथ धाम, वासुकीताल, मनणामाई तीर्थ, पांडवसेरा और नंदी कुंड समेत अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ जमने की स्थिति भी बन सकती है। इससे आने वाले दिनों में इन इलाकों में ठंड और बढ़ने की संभावना है।
केदारनाथ, मदमहेश्वर और तुंगनाथ यात्रा पर असर संभव
बारिश और संभावित हिमपात का असर केदारनाथ के साथ ही मदमहेश्वर और तुंगनाथ यात्रा पर भी पड़ सकता है। खराब मौसम में पहाड़ी मार्गों पर फिसलन और अन्य मौसमी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
प्रशासन की ओर से यात्रियों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और खराब मौसम में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। मौसम अत्यधिक खराब होने की स्थिति में यात्रा मार्गों पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोके जाने की व्यवस्था भी की जा सकती है।

पहाड़ों में सर्दी की दस्तक
केदार घाटी में बारिश और ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में संभावित हिमपात के चलते पूरे क्षेत्र में ठंड का असर बढ़ गया है। केदारनाथ, वासुकीताल, मनणामाई, पांडवसेरा और नंदी कुंड के साथ मदमहेश्वर, तुंगनाथ और आसपास की ऊंची चोटियों में मौसम तेजी से बदल रहा है।
सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम का यह बदलाव पहाड़ों में सर्दियों की दस्तक का संकेत माना जा रहा है। तापमान में और गिरावट आने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यापक हिमपात की संभावना बढ़ सकती है।




