विधवा मां को है दोनों बेटों से जान का खतरा गुंडा एक्ट में केस दर्ज; जल्द हो सकती है जिला बदर की कार्रवाई

 

डीएम ने त्वरित मामला कराया कोर्ट में दर्ज; दोनों पुत्रों को नोटिस; 26 अगस्त को डीएम कोर्ट में हाजिर होने का फरमान

देहरादून : जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में विधवा महिला विजय लक्ष्मी पंवार पत्नी रव० मोहन सिंह पंवार, निवासी भागीरथपुरम, बंजारावाला ने  जिलाधिकारी  सविन बंसल  से  गुहार लगाई  कि  एक विधवा  गरीब महिला है,  उसके दोनो पुत्र, नशे के  आदी व बिगड़े  गडे हुये है और उन्हें मारते-पीटते  है एवं हर समय पैसो की मांग करते है। कई बार उन्हें  पुलिस एवं पार्षद  ने भी समझाया, लेकिन वह सुधरने के बजाये और भी बिगड गये है। उनके  पुत्र  क्या  करते  हैं  उन्हें  नहीं पता है।  लेकिन जब वह कभी 2 व 3 दिन में या कभी आधी रात में घर आते है और हर समय अफीम / गांजा / शराब व आदि के नशे में रहते है तो फिर अपनी  माँ  की पिटाई कभी डंडो से तो कभी हाथ-पैर से करते है व सिर्फ पैसा मांगते रहते है। अब तो न्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दे दी है, जिससे में  विधवा  महिला अत्यधिक डरी हुई है। महिला  को  डर  है  कि  उनके  पुत्र उन्हें झोपडे में ही जान से मार सकते है।

विगत दिवस कलेक्ट्रेट में एक मामला सामने आया जहां क्रूर  बिगड़ैल गुंडे बेटे, विधवा मां विजयलक्ष्मी, और डीएम देहरादून हैं।  2 जवान बिगडै़ल बेटों ने विधवा मां का जीवन नरक बना दिया, मामला  सामने आते ही गुंडा एक्ट में डीएम की विशेष शक्ति गई भड़क तथा जिले में पहली बार थाना रिपोर्ट, कचहरी वकील को दरकिनार कर गुंडा रूल्स 1970 नियामक की अनन्य शक्ति को किया क्रियान्वित करते हुए दोनों बेटों को नोटिस तामील कर दिए गए। जब स्वयं व्यथित माता ही लगा रही मोहर तो क्या जटिलता और क्या नियमों की रार, जरूरी है दुष्कर प्रक्रिया का परिहार, असहाय विधवा माता की सुरक्षा थी सर्वोपरि मानते  हुए डीएम ने कानूनी जटिल प्रक्रिया को किया अतिक्रमित करते हुए गुंडा एक्ट में वाद दर्ज कर दिया है जिस पर फास्ट ट्रैक सुनवाई दो दिन बाद है। जिला  प्रशासन आम जन का विश्वास भरण पोषण से लेकर प्रताड़ित व शोषण के मामलों पर फास्ट्रेक सुनवाई, निर्णय साक्षात हो रहे हैं।

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