रायपुर सीएचसी का उच्चीकरण लगभग पूरा, तीन लाख से अधिक आबादी को मिलेगा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ

देहरादून। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के उच्चीकरण का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। बहुप्रतीक्षित इस परियोजना को शीघ्र ही जनता को समर्पित किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि रायपुर सीएचसी में ग्राउंड प्लस पाँच मंजिला अत्याधुनिक भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। भवन के शुरू होने से मरीजों को बेहतर उपचार के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा नया सीएचसी
नव निर्मित भवन में 20 अतिरिक्त बेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें ओपीडी कक्ष, पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, दवा वितरण केंद्र, टीकाकरण इकाई एवं 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं शामिल होंगी। ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण काउंटर, ओपीडी और 4 बेड की आपातकालीन सुविधा होगी, जबकि ऊपरी मंजिलों पर पुरुषों के लिए 8, महिलाओं के लिए 10 तथा 4 प्राइवेट बेड बनाए गए हैं। इसके साथ ही 4 बेड की नवजात शिशु स्थिरीकरण यूनिट भी स्थापित की गई है।

प्रशिक्षण एवं बैठकों की भी सुविधा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और प्रशिक्षण के लिए भवन में कॉन्फ्रेंस हॉल एवं मीटिंग हॉल की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट, रैंप और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

तीन लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ
रायपुर सीएचसी के उच्चीकरण से भोपालपानी, थानो, शमशेरगढ़, नत्थुवावाला, मालदेवता, सरोना, बौठा, मसूरी की तलहटी के गांवों तथा टिहरी जनपद के उनियाल गांव और आनंद गांव की लगभग तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इससे मरीजों की जिला अस्पताल एवं निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।

स्थानीय लोगों ने जताया आभार
स्थानीय निवासी अशोक वर्धन सिंह ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा और दून अस्पताल पर बढ़ते दबाव में भी कमी आएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप सिंह रावत ने बताया कि उच्चीकरण के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। वर्तमान में 10 चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ कार्यरत हैं, जबकि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ का प्रस्ताव भेजा गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि भवन का निरीक्षण किया जा चुका है और फरवरी के अंत तक इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है।

रायपुर सीएचसी का उच्चीकरण राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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