देहरादून। उत्तराखंड चैप्टर ऑफ कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (UKCSI) के तीसरे वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन में हृदय रोगों के आधुनिक उपचार, नई चिकित्सा तकनीकों और जटिल मामलों के प्रबंधन में हुई नवीनतम प्रगति पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

आधुनिक हृदय उपचार तकनीकों पर हुआ मंथन
सम्मेलन के दौरान इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन, इंट्राकोरोनरी इमेजिंग और हृदय रोगों के उपचार की नवीन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे तकनीकी विकास और उनके माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का उद्देश्य हृदय रोग विशेषज्ञों के बीच वैज्ञानिक ज्ञान, नवीन चिकित्सा पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान करना रहा। ऐसे आयोजनों से चिकित्सा क्षेत्र में शोध, नवाचार और बेहतर उपचार पद्धतियों को प्रोत्साहन मिलता है।
विशेषज्ञों की टीम ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
सम्मेलन का आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रीति शर्मा और आयोजन सचिव डॉ. पुनीश सडाना के नेतृत्व में किया गया। वैज्ञानिक कार्यक्रम की जिम्मेदारी वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. तनुज भाटिया ने संभाली, जबकि कोषाध्यक्ष डॉ. राज प्रताप सिंह ने वित्तीय प्रबंधन का दायित्व निभाया।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वैज्ञानिक सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञों को हृदय रोगों के निदान और उपचार से जुड़ी नई जानकारियों तथा आधुनिक तकनीकों पर चर्चा करने का अवसर मिला।

उत्तराखंड में बेहतर हृदय देखभाल को मिलेगा प्रोत्साहन
UKCSI 2026 के आयोजन से उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा, अकादमिक उत्कृष्टता और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ बेहतर हृदय देखभाल के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को मजबूती मिली। सम्मेलन के माध्यम से विशेषज्ञों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने के नए अवसर भी सामने आए।
आयोजकों ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों, साझेदारों और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया।
