मदमहेश्वर घाटी में 16 जुलाई से शुरू होगी दो माह की पौराणिक जागर परंपरा, भक्ति से सराबोर रहेगा रांसी गांव

ऊखीमठ/रुद्रप्रयाग। रांसी गांव स्थित भगवती राकेश्वरी मंदिर में 16 जुलाई को सावन संक्रांति से सदियों पुरानी पौराणिक जागर गायन परंपरा का शुभारंभ होगा। विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू होने वाला यह धार्मिक आयोजन लगातार दो माह तक चलेगा और आश्विन मास की द्वितीया को ब्रह्मकमल अर्पित करने के साथ संपन्न होगा।

प्रतिदिन शाम 7 से 8 बजे तक होने वाले जागर गायन में भगवान शिव, श्रीराम, श्रीकृष्ण सहित देवी-देवताओं का आवाहन कर विश्व शांति, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की जाएगी। इस दौरान पूरी मदमहेश्वर घाटी भक्तिमय माहौल में सराबोर रहेगी।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह युगों पुरानी परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जा रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस अमूल्य लोक-सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष योजना बनाने की भी मांग की।

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