गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव का भव्य समापन, मुख्यमंत्री धामी बोले– भारत-नेपाल का रिश्ता रोटी-बेटी का अटूट रिश्ता

देहरादून। गढ़ी कैंट स्थित विशाल महिंद्रा ग्राउंड में वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेले का रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान भारत और नेपाल की साझा संस्कृति, परंपराओं तथा गोरखा समाज के देश के प्रति योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद कलाकारों ने ‘जय महाकाली… आ गयो गोरखाली…’ गीत पर आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिस पर उपस्थित दर्शक झूम उठे।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराना रोटी-बेटी का अटूट रिश्ता है। गोरखा समाज ने देश की रक्षा और सम्मान के लिए अनेक बलिदान दिए हैं, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज ने हमेशा राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अपनी वीरता एवं समर्पण से भारत को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने इसे लागू किया है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा एवं अधिकारों को भी यूसीसी का महत्वपूर्ण पहलू बताया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।

नेपाल के मौजूदा हालात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच आपसी सहयोग, सांस्कृतिक संबंध और सामाजिक एकता की परंपरा बेहद महत्वपूर्ण है।

समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखा समाज ने हमेशा देश और उसकी माटी के लिए बलिदान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गोरखा समाज के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने गोरखा समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि नेपाली समाज के साथ त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों का साझा उत्सव आपसी संबंधों को और मजबूत करता है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। गणेश वंदना के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद नेपाली समूह नृत्य, गुजराती, पंजाबी, नेवारी, कुकुरी और मयूर नृत्य सहित विभिन्न प्रस्तुतियां दी गईं। नेपाली कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारत और नेपाल की साझा विरासत, विविधता और पारंपरिक लोककलाओं की सुंदर झलक देखने को मिली। महोत्सव ने गोरखा समुदाय की कला, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता को प्रोत्साहित करने के साथ विभिन्न सांस्कृतिक समूहों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच भी प्रदान किया।

कई गणमान्य अतिथियों की रही मौजूदगी

समापन समारोह में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और प्रदीप बत्रा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इनमें राज्यमंत्री धीरेन्द्र पंवार, नेपाल दूतावास के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेंद्र थापा, दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डीएस मान, पार्षद सुमेंद्र बोहरा, ब्रिगेडियर राम सिंह थापा, देहरादून कैंट के सीईओ अनंत आकाश, गोरखा कल्याण परिषद के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री ज्योति कोटिया, उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री अभिषेक शाही तथा असम गोरखा विकास परिषद के अध्यक्ष प्रेम तमांग प्रमुख रूप से शामिल रहे।

आयोजकों ने जताया आभार

वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा एवं समस्त पदाधिकारियों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले दानदाताओं, प्रायोजकों, कलाकारों, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया। समिति ने पुलिस-प्रशासन और सरकार की ओर से मिले सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।

आयोजन में समिति के संरक्षक इंजीनियर मेग बहादुर थापा, संरक्षक सारिका प्रधान, मेजर बीपी थापा, मेजर अमर राई, अध्यक्ष कमल थापा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उर्मिला तमांग, उपाध्यक्ष सूर्य बिक्रम शाही, महासचिव विशाल थापा, कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी टेकु थापा, सचिव देविन शाही, सह-सचिव आशु थापा, सांस्कृतिक सचिव देव कला दिवान, सह-सांस्कृतिक सचिव करमिता थापा, संगठन मंत्री लोकेश बन एवं सोनू गुरूंग सहित समिति के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *