देहरादून। मुख्यमंत्री धामी से स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी इस अवसर पर संवाद किया। विकासनगर की वंशिका ने पूछा कि अभिभावकों को कैसे समझाएं कि जो हम करियर में करना चाहते हैं, वे उसमें अपनी सहमति दे दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी कार्य करें, कुछ बनने के लिए नहीं बल्कि जीवन में कोई सराहनीय कार्य करने के लिए करें। आप अपने अभिभावकों को इस तरह से समझा सकती हैं, कि मैं जिस भी क्षेत्र को अपने करियर के लिए चुनूंगी, इसमें अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कार्य करने का प्रयास करूंगी। बागेश्वर के दिव्यम कंडवाल ने पूछा कि क्या आपके जीवन में कभी ऐसे क्षण आते हैं, जब आप अपने परिवार को समय नहीं दे पाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक व्यक्ति के जीवन में ऐसे क्षण बार-बार आते हैं। राजनीति में कार्य प्रोफेशन नहीं मिशन है, इसके लिए कार्य के प्रति समर्पण बहुत जरूरी होता है। भूमिका रावत ने पूछा कि देहरादून भारत की स्कूल राजधानी है। देहरादून में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड के युवाओं को राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर मिले। इस दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। ऋषिका भट्ट ने पूछा कि पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधयों के लिए समय कैसे निकालें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल तो बच्चों का टाइम टेबल अभिभावक बना देते हैं। बच्चों को इस बात का ध्यान देना होगा कि जिस समय जो कार्य कर रहे हैं, उस समय पूरा ध्यान उस कार्य पर होना चाहिए। रिया ने पूछा कि युवाओं के लिए आपका क्या विजन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले न बने, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य में स्वरोजगार के अलावा हार्टिकल्चर, पर्यटन, स्टार्टअप को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
