नई टिहरी।
टिहरी लेक फेस्टिवल के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे गुरमीत सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस फेस्टिवल ने उत्तराखंड की पर्यटन, संस्कृति और साहसिक खेलों की अपार संभावनाओं को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि चार दिनों के इस आयोजन में 15 से अधिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें करीब साढ़े तीन हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में जल, जंगल, जमीन, टिहरी के इतिहास और पहाड़ी खाद्य पदार्थों का उल्लेख करते हुए हिमालयी सरोकारों पर जोर दिया। उन्होंने “हिमालयन ओ₂” अभियान को पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए “छुंई बाथ” कार्यक्रम में हुई चर्चाओं को पुस्तक के रूप में संकलित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप उत्तराखंड में अब सिर्फ चारधाम यात्रा ही नहीं, बल्कि वर्षभर पर्यटन की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। राज्य सरकार शीतकालीन, ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने पेंटिंग, मास्टर शेफ, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एवं मिसेज टिहरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सुर गंगा संगीत कला मंच की ओर से प्रस्तुत नाट्य कार्यक्रम की भी उन्होंने सराहना की।
इससे पहले हेलीपैड पर विधायक किशोर उपाध्याय, डीएम नितिका खंडेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, विशेषकर डीएम नितिका खंडेलवाल और सीडीओ वरुणा अग्रवाल की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने टिहरी को ग्लोबल हब के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
