नई टिहरी।
देवप्रयाग में टिहरी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित भजन-कीर्तन संध्या और संगम तट पर हुई भव्य महाआरती ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्म के रंग में रंग दिया। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों ने भाग लिया।
ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत रघुनाथ कीर्तन मंडली द्वारा ‘श्री रामचंद्र कृपालु भजमन’ के सस्वर पाठ से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इसके बाद भरत कीर्तन मंडली और शिव शक्ति कीर्तन मंडली ने ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ जैसे भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। बहा बाजार कीर्तन मंडली ने ‘नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो’ भजन गाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, श्री रघुनाथ संस्कृत परिसर के छात्र-छात्राओं ने भी पारंपरिक भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी।
महोत्सव के उपलक्ष्य में देवप्रयाग संगम पर आयोजित भव्य महाआरती ने श्रद्धा और आस्था का अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया। संध्या बेला में शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हजारों दीपों की रोशनी से गंगा की पावन जलधारा जगमगा उठी और पूरा तट ‘गंगा मैया की जय’ के जयघोष से गूंज उठा।
वक्ताओं ने कहा कि “हिमालयन ओ₂” जैसे अभियानों के माध्यम से न केवल हमारी पौराणिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है, बल्कि गंगा की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। देर शाम तक चली इस भव्य महाआरती ने देवप्रयाग को महाकुंभ जैसा स्वरूप दे दिया।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी, सुरेश पंत, मनीष भट्ट, शिल्पी मोतीवाला, रेखा भट्ट, हेमलता पंचपुरी, अनसूया मिश्रा, संध्या, दीपमाला, नलनी भट्ट और बीना ध्यानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
