नई टिहरी।
टिहरी लेक फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित हिमालयन O₂ अभियान के तहत जाखणीधार ब्लॉक के प्रसिद्ध थात-खैट ट्रेक पर 30 सदस्यीय ट्रेकर्स दल ने ट्रेकिंग कर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव किया। यह ट्रेक मार्ग एडवेंचर पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक आस्था के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है।
रविवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष मान सिंह रौतेला और जिला पंचायत सदस्य विजयपाल रावत ने ट्रेकिंग दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में खैट ट्रेक रूट को एक प्रमुख ट्रेकिंग और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इसके बाद ट्रेकर्स दल ने थात से खैट पर्वत की ओर अपनी ट्रेकिंग यात्रा शुरू की। यह ट्रेक रूट घने जंगलों, बुग्यालों और हिमालय की मनमोहक पर्वत श्रृंखलाओं के कारण विशेष पहचान रखता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार खैट पर्वत को “परियों का देश” भी कहा जाता है। जनश्रुतियों के मुताबिक प्राचीन समय में यहां दिव्य शक्तियों और परियों का वास माना जाता था, जिस कारण यह क्षेत्र धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसकी चोटी से लगभग एक हजार देवस्थानों के दर्शन होने की बात कही जाती है। साफ मौसम में यहां से हिमालय की ऊंची चोटियां और दूर-दराज के कई पवित्र धाम भी दिखाई देते हैं।
टिहरी झील महोत्सव के माध्यम से ऐसे ट्रेकिंग मार्गों को बढ़ावा देकर क्षेत्र में एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य रतन सिंह रावत, प्रधान प्रियंका पंवार, वन क्षेत्राधिकारी ओम प्रकाश, विजय पंवार, आशीष पंवार, सुनील कुमाईं, दीपक राणा, डॉ. अंकुर नौटियाल, सुधीर उनियाल, मेघना नौटियाल, प्रदीप राणा, अवतार पंवार, रतन सिंह नेगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
