नई टिहरी। उत्तराखंड सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना पहाड़ के बुजुर्गों के लिए बुढ़ापे की लाठी और आध्यात्मिक शांति का बड़ा जरिया बन गई है। इस महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत सोमवार को जनपद टिहरी गढ़वाल के जौनपुर विकासखंड स्थित नैनबाग क्षेत्र से 36 पुरुष वरिष्ठ नागरिकों का एक जत्था देवभूमि के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम की यात्रा के लिए रवाना हुआ। चार दिवसीय इस धार्मिक यात्रा को लेकर बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला, जो अब सरकारी खर्च पर अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।
इस यात्रा दल में नैनबाग क्षेत्र के सुदूरवर्ती और दुर्गम गांवों जैसे टटोर, जयन्द्वार मल्ला, मोंगी, पन्तवाड़ी, चिलामु, मैर, बाण्डासारी, टंडान गांव, पाब और मुनोगी के पंजीकृत वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। विभाग द्वारा इन यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। पर्यटन विभाग ने यात्रा के दौरान बुजुर्गों के लिए पौष्टिक भोजन, जलपान और रात्रि विश्राम की उच्च स्तरीय व्यवस्था गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम के माध्यम से सुनिश्चित की है, ताकि उन्हें घर जैसा आरामदायक माहौल मिल सके। इसके अलावा परिवहन विभाग द्वारा यात्रा के लिए आरामदायक बस उपलब्ध कराई गई है और यात्रियों की सहायता व मार्गदर्शन के लिए एक प्रशिक्षित गाइड भी साथ भेजा गया है।
यात्रा बस को रवाना करने के लिए एक संक्षिप्त समारोह आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र पंचायत सदस्य जयद्वार मल्ला मजू पवार, ग्राम प्रधान पाब सुरेश कैन्तुरा, पूर्व ग्राम प्रधान चिलामु रणवीर सिंह राणा और पूर्व ग्राम प्रधान जयद्वार मल्ला राम प्रसाद बिजल्वाण ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर बस को गंतव्य के लिए रवाना किया। जनप्रतिनिधियों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना उन बुजुर्गों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से तीर्थ यात्रा करने में असमर्थ थे। बस रवाना होते समय बुजुर्गों के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी टिहरी सोबत सिंह राणा ने योजना की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र बुजुर्गों को इस योजना का लाभ मिले।
