नई टिहरी। जनपद के प्रतापनगर विकासखंड अंतर्गत पट्टी उपली रमोली अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के लिए विशिष्ट पहचान रखती है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बिजपुर में आराध्य देव नागराजा की प्रसिद्ध “दुधगाडू देव जातरा” पूरे विधि-विधान और हर्षाेल्लास के साथ संपन्न हुई। इस अलौकिक धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था का संगम देखने को मिला। जातरा के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और देवताओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। आयोजन का समापन विशाल हवन-यज्ञ और भंडारे के साथ हुआ, जिसमें दूर-दराज के गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
इस देव जातरा का मुख्य आकर्षण नागराजा देवता के पशुवा (अवतारी पुरुष) का पवित्र स्नान और आशीर्वाद देने का अनूठा तरीका रहा। परंपरा के अनुसार, नागराजा देवता के पशुवा ने दूध और दही से शाही स्नान किया, जो कि इस क्षेत्र की एक प्राचीन और विशिष्ट धार्मिक मान्यता है। इसके पश्चात अवतारी पुरुष ने वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और भक्तों को पिठाई के रूप में माखन (मक्खन) का टीका लगाकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया। मान्यता है कि इस माखन के टीके से भक्तों के जीवन में शीतलता और समृद्धि आती है। जातरा का शुभारंभ भैरव देवता के पवित्र थान (स्थल) से हुआ, जहां से नागराजा की डोली और इष्ट भैरव देवता के निशानों (प्रतीकों) के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
पहाड़ी रास्तों से होती हुई यह भव्य देव जातरा मांजीखाल स्थित नागराजा मंदिर पहुंची। यहां पहुंचने पर माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। विशेष रूप से अपने मायके लौटीं धियाणियों (विवाहित बेटियों) और अन्य ग्रामीणों ने देवता का भावभीना स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नतें पूरी होने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए देवता को चावल और श्रीफल (नारियल) अर्पित किए। इस धार्मिक समागम के अवसर पर कुलदीप बिष्ट की ओर से एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
