ओएनजीसी ने ऊँचे रिटर्न का झांसा देने वालों से किया सावधान
निवेश निर्णयों के जोखिमों व साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों से किया आगाह
देहरादून। वाइज़ फिनसर्व ने ओएनजीसी के साथ मिलकर जीईओपिक सेंटर में अपने शीघ्र सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद की वित्तीय प्रबंधन पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और रणनीतियाँ प्रदान करना था।
वाइज़ फिनसर्व (प्राइवेट वेल्थ) के ग्रुप सीईओ अजय यादव ने मुख्य वक्ता के तौर पर सेवानिवृत्ति के बाद की सावधानीपूर्वक वित्तीय योजना की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने असूचित निवेश निर्णयों के जोखिमों और साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों की ओर भी ध्यान दिलाया, जो विशेष रूप से सेवानिवृत्त लोगों को निशाना बनाते हैं।
उन्होंने प्रतिभागियों को “लालच के जाल” से बचने की चेतावनी दी, ऐसी धोखाधड़ी योजनाएं जो ऊँचे रिटर्न का झांसा देती हैं और आमतौर पर बड़ी सेवानिवृत्ति राशि प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाती हैं। यादव ने एक संतुलित निवेश रणनीति की सिफारिश की, जो एक पिरामिड के रूप में संरचित हो, जिसका मजबूत आधार सरकारी बॉन्ड्स और डाकघर योजनाओं जैसे सुरक्षित साधनों में हो, और एक छोटा हिस्सा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स या पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस में लगाया जाए।
इस सेमिनार में देशभर से आए ओएनजीसी के 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस मौके पर वाइज़ फिनसर्व की ओर से प्रेसिडेंट पवन कुमार सिंह, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट अनुराग अस्थाना व चीफ मैनेजर गर्गी परिहार आदि मौजूद रहे।
