राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, धामी सहित कई दिग्गजों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
हरिद्वार।
हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का शुक्रवार को विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर समाधि मंदिर एवं प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।
समारोह के समापन अवसर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य अतिथियों ने गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
तीन दिवसीय इस आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक नेतृत्व ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा एवं मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।

गंगा तट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी साधना, विचार और जीवन दर्शन आज भी समाज को दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके जीवन मूल्यों को पुनः जागृत करने का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक जड़ों की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। सनातन संस्कृति, अद्वैत वेदांत, भक्ति परंपरा और गुरु-शिष्य संवाद को उन्होंने भारत की आत्मा बताया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने आध्यात्मिक साधना को समाज सेवा से जोड़कर एक विशिष्ट जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। भारत माता मंदिर की स्थापना के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक गौरव को साकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक पहचान मिल रही है और उत्तराखंड विकास व विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल मूल्य थे। उन्होंने भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।
हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारत माता मंदिर की स्थापना दूरदर्शी राष्ट्र मंदिर की अवधारणा के साथ की गई थी, जिसे आज और अधिक सशक्त स्वरूप दिया जा रहा है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने स्वामी जी को राष्ट्र, धर्म और मानव चेतना का अमर पथ प्रदर्शक बताया।

केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि संत समाज से उन्हें सदैव प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है तथा इस आयोजन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
