नई टिहरी। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर सोमवार को राजकीय पॉलिटेक्निक गजा, टिहरी गढ़वाल में एक विशेष विधिक जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश अमित कुमार सिरोही के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व और कानून की बुनियादी समझ से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी के सचिव आलोक राम त्रिपाठी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और स्टाफ को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की नींव है और विधिक जागरूकता के माध्यम से विद्यार्थी अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। उन्होंने विभिन्न कानूनी विषयों जैसे उपभोक्ता अधिकार, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा कीं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय बादशाहीथौल के विधि संकाय के सहायक प्रोफेसर यस.के. चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को कानून के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कानून समाज की रीढ़ है और हर नागरिक को इसकी बुनियादी समझ होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे न केवल अपने अधिकारों को जानें बल्कि दूसरों को भी जागरूक करें।
इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल के रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मिंया ने मोटर वाहन अधिनियम, सड़क सुरक्षा और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण आम नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करता है और न्याय तक सभी की समान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत है।
