नई टिहरी। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने मंगलवार को प्रतापनगर क्षेत्र के सेम मुखैम पहुंचकर 25 नवंबर से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक एवं विकास मेले की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मेले की संपूर्ण व्यवस्थाओं का गहराई से अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने अपने निरीक्षण की शुरुआत पर्यटन विभाग के गेस्ट हाउस से की और वहां से उत्तर द्वारिका के प्रसिद्ध पांचवें धाम, सेम नागराजा मंदिर तक स्थल का भ्रमण किया। उन्होंने मार्ग और परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए वन विभाग को भागी सौड़ मेला मैदान से सेम मुखैम मंदिर तक जाने वाले रास्ते पर झाड़ियों की कटाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एएमए जिला पंचायत को संपूर्ण क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित करने, ग्रामीण निर्माण विभाग को धर्मशाला निर्माण और सुरक्षात्मक दीवार के अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को सड़कों की मरम्मत और पार्किंग स्थल के सुचारू प्रबंधन हेतु कार्यवाही करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली और उनके सुझाव भी सुने। मेला समिति के प्रबंधक विजय पोखरियाल ने जिलाधिकारी को सेम नागराजा मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महिमा के साथ-साथ मेले की परंपरा से अवगत कराया।
इसके बाद जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग के गेस्ट हाउस में अधिकारियों और मेला समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में प्रबंधक मेला समिति विजय पोखरियाल ने मेले से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें मेला प्रांगण में पेयजल की सुविधा हेतु दो टैंकरों की व्यवस्था, प्रतापनगर विधानसभा के सभी विद्यालयों में तीन दिवसीय मेला अवकाश, मेला स्थल से सेम नागराजा मंदिर तक स्थायी स्ट्रीट लाइट लगाने, यात्रियों के लिए पोर्टेबल शौचालयों की व्यवस्था, विभागीय स्टॉल लगाने और पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग प्रमुख रही। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पर्यटन विभाग के अंतर्गत संचालित हो रहे पर्यटक आवास गृह का भी निरीक्षण किया और उसका संचालन कर रहे मेक माय कॉटेज के विनोद सिंह को आवास गृह को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को रहने की सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने आपदा प्रभावित पोखरी गांव का भी दौरा किया, जहां उन्होंने अंदरूनी हिस्सों में पानी के कारण धंस रहे घरों की स्थिति देखी। ग्रामीणों ने अपने गांव के विस्थापन की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को भूमि चयन हेतु मौके पर सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।
