नई टिहरी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौण्ड में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) कार्यकर्ताओं का धरना छठे दिन भी जारी रहा। बीते सप्ताह गुरुवार से लगातार जारी यह धरना अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद सीएचसी चौण्ड आज रैफर सेंटर बनकर रह गया है, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव मरीजों की बड़ी समस्या बन चुका है।
धरने का नेतृत्व कर रहे यूकेडी प्रतापनगर इकाई के जिला अध्यक्ष रामदेव कलूड़ा ने बताया कि अस्पताल की स्थिति अत्यंत दयनीय है। यहां एक माह से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है और मरम्मत के कोई संकेत नहीं हैं। इसके अलावा अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गाइनोकॉलजिस्ट) और सामान्य चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, जिससे सुरक्षित प्रसव और बच्चों के उपचार में भारी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन अव्यवस्थाओं के कारण स्थानीय लोगों को छोटी-छोटी जांचों और उपचार के लिए ऋषिकेश या देहरादून तक जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें समय और धन दोनों की हानि झेलनी पड़ती है।
रामदेव कलूड़ा ने बताया कि अब मातृशक्ति भी इस आंदोलन में आगे आई है। क्षेत्र की महिलाएं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर सक्रिय रूप से धरने में शामिल हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द संज्ञान लेकर ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।
धरना दे रहे कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुरूप कर्मचारियों की तैनाती की जाए। साथ ही हड्डी रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड मशीनों की मरम्मत और नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति और आवश्यक जांचों के लिए आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता की मांग की।
