नई टिहरी। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दयाराम ने अंतर्राष्ट्रीय नशा दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निषेध दिवस के अवसर पर गुरुवार को ग्राम जगधार में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया।
शिविर को संबोधित करते हुए सचिव दयाराम ने कहा कि समाज में शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन की प्रवृत्ति को रोकने तथा लोगों को इनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का लगातार सेवन मस्तिष्क, लिवर और हृदय पर गंभीर एवं स्थायी दुष्प्रभाव डालता है तथा अवसाद सहित कई मानसिक विकारों को जन्म देता है।
उन्होंने बताया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसके कारण घरेलू हिंसा, पारिवारिक विघटन और आर्थिक संकट जैसी सामाजिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को अपराधी नहीं, बल्कि एक मरीज के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसे उचित उपचार, परामर्श और पुनर्वास की आवश्यकता होती है।
सचिव ने बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि समय रहते जागरूकता ही भविष्य की पीढ़ी को नशे की चपेट में आने से बचा सकती है।
कार्यक्रम में रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मियां, स्थायी लोक अदालत के सदस्य खेमराज सेमवाल, ग्राम प्रधान अर्चना कोठारी, ओमप्रकाश कोठारी, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्रामवासी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल के अधिकार मित्र उपस्थित रहे।
शिविर के उपरांत सचिव दयाराम ने रानीचौरी स्थित मानवाधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति का भ्रमण कर संस्था द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों और कार्यों का निरीक्षण भी किया।
