मानसून को लेकर सतर्क रहें विभागीय अधिकारी: सतपाल महाराज

देहरादून। प्रदेश में मानसून सीजन को देखते हुए लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है तथा सभी जिला मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं।

गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने लोक निर्माण एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मानसून तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान सड़कों के अवरुद्ध होने पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, इसलिए सड़कें शीघ्र खोलने के साथ-साथ वैकल्पिक मार्गों की भी पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा है कि मानसून के दौरान यात्रियों और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा किसी भी अवरोध का तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सतपाल महाराज ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा चुके हैं। देहरादून में भी 24×7 संचालित होने वाला नियंत्रण कक्ष कार्यरत है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सभी जिलों से प्रतिदिन नदियों के जलस्तर एवं वर्षा संबंधी आंकड़े प्राप्त किए जा रहे हैं और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य में 15 जून से पहले ही 113 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं तथा बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से 304 संवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन के सहयोग से आवश्यक सुरक्षा एवं संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि विभिन्न शहरों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए जीआईएस आधारित स्टॉर्म वाटर मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार किए गए हैं। हरिद्वार जनपद के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में ड्रेनेज कार्य भी पूरा कर लिया गया है। विभाग के नियंत्रणाधीन जलाशयों और बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए बोल्डर, आरबीएम और रेत की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

लोक निर्माण विभाग की तैयारियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि मानसून के दौरान कोई सड़क बंद होती है तो इसकी पूर्व सूचना लोगों को दी जाए ताकि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सकें। विभाग ने सड़कों के पैचवर्क अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य पूरा किया है। 3,946 पैचवर्क कार्यों के लक्ष्य के मुकाबले 3,968 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1,199 ऐसी सड़कें चिन्हित की गई हैं जो हर मानसून सीजन में प्रभावित होती हैं। इनके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने और जेसीबी मशीनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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