प्रतिभागियों को मिला प्रशिक्षण, पर्यटन और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
टिहरी। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय स्कीइंग एवं पर्वतारोहण संस्थान (आईआईएसएम), गुलमर्ग ने टिहरी झील में अपना पहला 14 दिवसीय वाटर स्कीइंग कोर्स सफलतापूर्वक संपन्न किया। 20 सितंबर को संपन्न हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से 25 छात्रों ने भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इस खेल का व्यवस्थित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
समापन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और अपने प्रेरणादायी संबोधन में युवाओं के विकास, पर्यटन की अपार संभावनाओं और भारत में तेजी से बढ़ते वाटर स्पोर्ट्स क्षेत्र के नए अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साहसिक खेल न केवल युवाओं को आत्मविश्वास और कौशल प्रदान करते हैं, बल्कि रोजगार और पर्यटन संवर्धन का भी बड़ा माध्यम बन सकते हैं।
इस अवसर पर आईआईएसएम की सहायक निदेशक रेणु बामरारा ने कहा कि टिहरी झील में कोर्स का सफल आयोजन साहसिक पर्यटन में विविधता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उल्लेख किया कि श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) की डल झील और निगीन झील लंबे समय से जल क्रीड़ा गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रही हैं, लेकिन अब संस्थान टिहरी झील को भी जल-आधारित साहसिक खेलों के हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आईआईएसएम ने इस उपलब्धि के साथ स्कीइंग और पर्वतारोहण से आगे बढ़ते हुए अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जल-आधारित विषयों को शामिल करने की शुरुआत की है। यह पहल भारत सरकार के उस दृष्टिकोण को मजबूत करती है, जिसके तहत देश को वैश्विक साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान का यह प्रयास न केवल युवाओं की प्रतिभा को पोषित करेगा बल्कि टिहरी झील जैसे स्थलों को विश्व मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।
