देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड ई-बीआरटीएस की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्रों की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
उत्तराखण्ड मैट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल थे। सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकार शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति
त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे: आवश्यक एनओसी और अनुमोदन मिल चुका है। परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने और पर्वतीय यातायात दबाव कम करने में सहायक होगी।
हरिद्वार इंटीग्रेटेड रोपवे और पीआरटी: चार प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। कुल 21 स्टेशन होंगे और लंबाई 20.73 किमी। यह योजना तीर्थ सीजन में यातायात प्रबंधन में सुधार ला सकती है।
देहरादून ई-बीआरटीएस: दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। प्रथम कॉरिडोर आईएसबीटी से रायपुर तक, 35 स्टेशन और 31.52 किमी लंबाई। सचिव ने प्रथम कॉरिडोर का स्थलीय निरीक्षण किया।
देहरादून पीआरटी: तीन प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं – क्लेमेंटटाउन से बल्लूपुर चौक, पंडितवाड़ी से रेलवे स्टेशन और गांधी पार्क से आईएसबीटी पार्क।
स्थलीय निरीक्षण और योजना कार्यान्वयन
सचिव ने प्रथम कॉरिडोर के 17 स्टेशन का निरीक्षण किया। आईएसबीटी स्टेशन के लिए 0.64 हेक्टेयर भूमि आवश्यक है, जो मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधीन है। अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण और समयबद्ध निर्माण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सचिव ने पार्किंग नीति और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट मॉडल के माध्यम से समन्वित शहरी विकास पर जोर दिया।
शहरी परिवहन में नई पहल
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि रोपवे, पीआरटी और ई-बीआरटीएस परियोजनाएं न केवल यातायात दबाव कम करेंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन संवर्धन में भी मदद करेंगी। सरकार सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तराखण्ड के प्रमुख शहरों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से आधुनिक और सशक्त सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क स्थापित होगा, जो यातायात, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगा।
