श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का रंगारंग समापन हो गया। विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में योगदान देने वाली 11 प्रतिभाओं को सैर-सलीका पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वालों में शैलेंद्र रावत (खोली होम स्टे), चांदनी अरोड़ा (साइकिल सखी), कीर्ति नवानी, मुकुल बडोनी, धन सिंह पेड़ वाले गुरुजी सहित अन्य शामिल रहे।विशिष्ट अतिथि एवं देश के पहले लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने युवाओं से प्रकृति, संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक जीवनशैली और रचनात्मक ऊर्जा ही सफलता की कुंजी है।इस अवसर पर केंद्र निदेशक प्रो. राकेश ड्योढ़ी, डीन प्रो. रश्मि ड्योढ़ी, प्रो. मोहन पंवार, वित्त अधिकारी डॉ. अजय मोहंती सहित कई प्राध्यापक मौजूद रहे।
