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हरिद्वार में मत्स्य किसानों ने उठाईं समस्याएं, सीमा चौहान ने दिया समाधान का भरोसा

हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य मत्स्य पालक विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सीमा चौहान ने मत्स्य विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी एवं कृषक संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे मत्स्य किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान की मांग की। किसानों ने तालाबों पर अवैध कब्जों से लेकर बुनियादी सुविधाओं की कमी तक के मुद्दे उठाए। उपाध्यक्ष सीमा चौहान ने किसानों को समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

उत्तराखंड के लिए अलग नियमावली बनाने की मांग

मत्स्य गंगा समिति के अध्यक्ष प्रदीप कश्यप ने कहा कि उत्तराखंड में मत्स्य विभाग का संचालन अब तक उत्तर प्रदेश की नियमावली और शासनादेशों के आधार पर किए जाने का मुद्दा गंभीर है। उन्होंने प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग नियमावली और शासनादेश जारी करने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप नियम बनने से मत्स्य किसानों को अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

तालाबों पर कब्जे और बुनियादी सुविधाओं की कमी बड़ी चुनौती

प्रदीप कश्यप ने ग्राम समाज के तालाबों पर कथित अवैध कब्जों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद कई स्थानों पर तालाबों को कब्जामुक्त नहीं कराया जा सका है। उन्होंने दावा किया कि सैकड़ों बीघा भूमि खाली पड़ी है, जहां मत्स्य पालन की संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन किसान इनका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

उन्होंने तालाबों में मगरमच्छों की बढ़ती समस्या, सोलर और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने तथा ब्लॉक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की सुविधा के अभाव को भी मत्स्य पालन के विकास में बाधा बताया। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से उत्पादन और व्यवसाय को बढ़ावा मिल सकता है।

‘मत्स्य सहेली’ योजना से कल्पना कश्यप को मिल रहा रोजगार

कार्यक्रम में रुड़की की कल्पना कश्यप ने ‘मत्स्य सहेली’ योजना के माध्यम से स्वरोजगार के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह मछली से अचार, कटलेट और पकौड़े जैसे खाद्य उत्पाद तैयार करती हैं। इन उत्पादों के जरिए उन्हें प्रतिमाह करीब 20 से 25 हजार रुपये की आय हो रही है।

हालांकि, उन्होंने कारोबार को और बेहतर बनाने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और खाद्य उत्पादों के निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की जरूरत भी बताई।

ट्यूबवेल की बोरिंग नहीं होने से मछली पालन प्रभावित

जट बहादरपुर निवासी राजेश कश्यप ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान के विरोध के कारण उनके तालाब में ट्यूबवेल की बोरिंग नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि पानी और हवा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से तालाब में मछलियां मर जाती हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने अपनी समस्या के समाधान और मत्स्य पालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

किसानों की समस्याओं पर जल्द होगी कार्रवाई: सीमा चौहान

गोष्ठी के दौरान प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सीमा चौहान ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर जल्द धरातल पर कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम में उप मत्स्य निदेशक अनिल कुमार, सहायक मत्स्य निदेशक गरिमा मिश्रा सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। गोष्ठी में किसानों ने स्पष्ट किया कि तालाबों को कब्जामुक्त कराने, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण की व्यवस्था करने जैसे कदम मत्स्य पालन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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