उत्तराखंड में गैस-ईंधन आपूर्ति सामान्य, चारधाम यात्रा और ग्रीन एनर्जी पर सरकार का फोकस

देहरादून।  वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर उत्तराखंड में गैस एवं ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में घरेलू एवं कमर्शियल गैस की उपलब्धता, अस्पतालों व शैक्षिक संस्थानों की जरूरतें, चारधाम यात्रा के दौरान संभावित मांग, उर्वरकों की स्थिति, पीएनजी पाइपलाइन विस्तार, सीएनजी आपूर्ति, कालाबाजारी रोकथाम और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस, पेट्रोल, डीजल व अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होने से बचें।

उन्होंने कहा कि यह समय वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदलने का है। विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने और वर्ष 2070 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना जरूरी है। इस दिशा में सभी विभागों को घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

आगामी 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को देखते हुए पर्यटन और पूर्ति विभाग को गैस की अतिरिक्त मांग का सटीक आकलन कर अग्रिम योजना बनाने को कहा गया। साथ ही केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर अतिरिक्त ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

गैस, कच्चे तेल और उर्वरकों की कालाबाजारी तथा जमाखोरी रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने को कहा गया।

उर्वरकों की उपलब्धता पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि यूरिया का अनावश्यक भंडारण न हो और एग्रीटेक व फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से वास्तविक जरूरत के अनुसार ही वितरण सुनिश्चित किया जाए।

पीएनजी पाइपलाइन विस्तार को लेकर जिलाधिकारियों को सभी आवश्यक अनुमतियां शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए। उद्योगों, विशेषकर फार्मा सेक्टर में पाइपलाइन गैस और ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

अफवाहों पर नियंत्रण के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियमित प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जनता तक सही जानकारी समय पर पहुंच सके।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए पीरूल ब्रिकेट, बायोगैस प्लांट, सोलर चूल्हे और सोलर कुकर को प्रोत्साहित करने की बात कही गई। नगर निकायों को बायोगैस प्लांट स्थापित करने तथा ऊर्जा विभाग को वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और पूरे सेक्टर को ग्रीन एनर्जी आधारित बनाने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने खाड़ी देशों और मिडिल ईस्ट में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासियों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए। विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती को राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया गया, साथ ही जिलों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।

गैस एजेंसियों और वितरकों पर कड़ी निगरानी रखने, स्टॉक की दैनिक जांच करने और आपूर्ति में किसी भी असंतुलन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। शादी समारोहों के लिए अतिरिक्त गैस व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एल. एल. फैनई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिलों से जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

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